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01 February 2025 Vol.: 14 Issue: 2
S. No. | Title | Author(s) | Details |
| 1 | Lines in motion: The convergence of art, literature, and cinema in Indian culture | Mrunal V. Joharapurkar, Dr. Shashikant Rewade – 07–15 | |
| 2 | Cinema and advertising: A festive… | Deepali M. Limbekar, Dr. Kishor D. Ingale – 16–24 | |
| 3 | मृच्छकटिकम् पर आधारित फिल्म 'उत्सव' में व्यक्त समाज | डॉ. विधु खरे दास – 25–28 | |
| 4 | सिनेमा पोस्टर डिज़ाइन में लिथोग्राफी, स्क्रीन प्रिंटिंग, ऑफ़सेट तकनीक का फिल्म उद्योग में योगदान | चंद्रशेखर वसंतराव वाघमारे, डॉ. शशिकांत रेवडे – 29–37 | |
| 5 | सिनेमा में महात्मा गांधी की उपस्थिति | शिखा सिंह – 38–44 | |
| 6 | सिनेमा और आदिवासी विमर्श | ज्ञानेश्वर रामकिसन हालसे, प्रो. डॉ. विजय गणेशराव वाघ – 45–49 | |
| 7 | सिनेमा और राष्ट्रवाद : एक विश्लेषण | डॉ. वळेकर गहिनीनाथ नारायण – 50–52 | |
| 8 | हिन्दी सिनेमा की पहुँच के दायरे में उभयलिंगी समुदाय | मिन्नी गुप्ता – 53–59 | |
| 9 | अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद : सिनेमा, साहित्य और मीडिया विमर्श | राम कुमार सिंह – 60–66 | |
| 10 | सिनेमा (प्रलेखात्मक फिल्म) और आदिवासी कला | अभिषेक चौरसिया, डॉ. किशोर इंगले – 67–71 | |
| 11 | साहित्यिक कृतियों का सिनेमाई रूपांतरण में वर्तमान समाज की भूमिका | कान्ता रॉय – 72–79 | |
| 12 | ईरान से हिंदुस्तान तक की सिनेमा में गांधी | विशाल कुमार – 80–84 | |
| 13 | गीतिनाट्य एवं रंगमंचीय तत्वों का विश्लेषण : ‘अंधा युग’ के विशेष संदर्भ में | शाश्वती खुंटिआ – 85–91 | |
| 14 | वैश्विक स्तर पर सॉफ्ट पावर कूटनीति के रूप में भारतीय सिनेमा का बढ़ता प्रभाव | अदिति सिंह – 92–98 | |
| 15 | भारतीय सिनेमा और साहित्य में पर्यावरण चेतना | कुसुम डूंगरवाल – 99–104 | |
| 16 | भारतीय सिनेमा में स्त्री अस्मिता का विश्लेषण | मंजुल कुमार सिंह – 105–112 | |
| 17 | यात्रा आधारित हिंदी सिनेमा और घुमक्कड़शास्त्र | ध्रुव कुमार – 113–117 | |
| 18 | समसामयिक घटनाएं और हिंदी सिनेमा | मिथुन नोनिया – 118–123 | |
| 19 | सिनेमा, साहित्य और समाज में हिंदी ग़ज़ल का प्रभाव | चित्रांश खरे – 124–130 | |
| 20 | हिंदी सिनेमा और विकलांगता | रोजी दण्डसेना – 131–136 | |
| 21 | ‘तिरिया चरित्तर’ कहानी और फ़िल्म : स्त्री विमर्श के परिप्रेक्ष्य में एक विवेचन | राणाप्रताप राय – 137–142 | |
| 22 | पोथेर पांचाली का सामाजिक एवं साहित्यिक अध्ययन | आदित्य तिवारी – 143–146 | |
| 23 | सिनेमा में स्त्री विमर्श | कुमारी श्वेता – 147–153 | |
| 24 | हिंदी साहित्य का सिनेमाई रूपांतरण : एक नई पहचान | प्रांजल बरनवाल, अजीत कुमार गौतम – 154–160 | |
| 25 | सिनेमा, साहित्य और रंगमंच | गुलफ़िशा – 161–163 | |
| 26 | Beyond the walls: Graffiti as a narrative tool in Indian social | Dr. Kishor D. Ingale – 164–168 | |
| 27 | OTT’s cinema and social landscape | Manish Tiwary – 169–174 |