वर्ष (Vol.)- 13 अंक (Issue) - 7
अनुक्रम
संपादकीय
विज्ञापन का इतिहास : वैश्विक परिप्रेक्ष्य में
डॉ. शेख इमरान अब्दुलरहीम … 05–13
Exploring the Sociolinguistic Dynamics of Hindi Pronoun Usage among Marathi-speaking Youth in Wardha City
Dr. Priya Shailesh Kadam … 14–26
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का स्वरूप एवं योजना क्रियान्वयन
डॉ. फूलचन्द सैनी, अभिषेक शर्मा … 27–36
बिजोलिया और बेगूँ किसान आंदोलनों में धाकड़ कृषकों की भूमिका
जगदीश चन्द्र धाकड़ … 37–44
The Buddhist Authenticity of Spirituality
Dr. Jagdish Chandra Khatik … 45–50
गुरु गोविन्द सिंह का साहित्यिक अवदान : रामावतार के विशेष संदर्भ में
डॉ. धर्म विजय सिंह … 51–56
रामकथा का सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण
कुमार विश्वमंगल, प्रो. बीर पाल सिंह यादव … 57–67
सुषम बेदी के कथा साहित्य में सामाजिक अलगाव
डॉ. गणेश ताराचंद खैरे … 68–71
The Importance of Pali Language in the Field of Research
Sulesh Kumar … 72–78
साहित्य, समाज और सिनेमा
संगिता पंढरीनाथ मांडगे, गोकुळ गोरख क्षीरसागर 79–82
आरंभिक हिंदी पत्रकारिता की समाज-शैक्षिक एवं राष्ट्रीय प्रतिबद्धता
डॉ. नानासाहेब गोरे … 83–90
महात्मा गांधी का सर्वोदय दर्शन एवं वर्तमान परिदृश्य में प्रासंगिकता : एक समालोचनात्मक अध्ययन
रत्ना सिंह, दिव्या सिंह … 91–104
भोजपुरी लोक गीतों में वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियाँ
विनय कुमार सिंह … 105–114
The Role of Public Broadcasting in India: Relevance, Challenges, and the Path Forward
Kshitiz Dwivedi … 115–131
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का विश्लेषण
संतोष कुमार, डॉ. मनोज कुमार … 132–137
अष्टभुजा शुक्ल की कविता में ग्राम्य-जीवन
विकास कुमार … 138–145
आयुष्मान भारत योजना की जनमानस में जागरूकता का अध्ययन
पंकज गजानन कलाने … 146–155
ग्राहक और व्यापारी दृष्टिकोण से पेटीएम सेवाओं का अध्ययन : अमरावती शहर में एक डिजिटल भुगतान अध्ययन
श्रीराम बालेकर … 156–164
घर-कोठे कन्नै जुड़ी दी डुग्गर लोक चित्तरकला
डॉ. शशि भारती … 165–168
भारत में सामाजिक समरसता की बाधाएँ : जातिवाद एवं संप्रदायवाद
कौशल किशोर … 169–172
Notes for Authors … 173