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पदचिन्ह (जनवरी-जून 2020)

वर्ष (Vol.) - 9, अंक (Issue) -1

अनुक्रमणिका

भारत का संविधान: उद्देशिका

  1. विस्थापन की त्रासदी तले आदिवासी समाज : एक विमर्श
    सपना दुबे – पृ. 05–09

  2. आदिवासी विस्थापन के विभिन्न कारक
    जीवेश कुमार झा – पृ. 10–13

  3. चित्रा मुद्गल की रचनाओं में नारी
    प्रिया सिंह – पृ. 14–17

  4. हिंदी में अपभ्रंश भाषा का उदय और विकास
    डॉ. मंजु लाल – पृ. 18–22

  5. Secularism in Indian Cinema: An Analysis of Bollywood Movies
    Subodh Chandra Bharti, Dr. Bharti Devi – पृ. 23–41

  6. दक्षिण का हिंदी सेतु: डॉ. बालशौरि रेड्डी
    डॉ. एच. ए. हुनगुंद – पृ. 42–47

  7. दलित महिला सशक्तिकरण एवं संवैधानिक प्रावधान
    श्रीलेखा कुमारी – पृ. 48–55

  8. गांधी और उनका प्राकृतिक लोक चिकित्सा
    महेंद्र कुमार जायसवाल – पृ. 56–60

  9. पत्र का साहित्य की अन्य विधाओं से संबंध
    डॉ. जसवीर त्यागी – पृ. 61–69

  10. महादेवी वर्मा के काव्य में प्रकृति वर्णन
    डॉ. किरण कुमारी – पृ. 70–74

  11. स्मृति के कवि केदारनाथ सिंह
    प्रिया – पृ. 75–78

  12. ‘आभासी जगत’ में ग्रामीण किशोर
    सूरज पाण्डेय – पृ. 79–86

  13. चिकित्सकीय अपकृत्य विधियों पर समीक्षात्मक अध्ययन
    कल्याणी – पृ. 87–93

  14. त्रिलोचन की कविता में जनजीवन की अभिव्यक्ति
    सुनील यादव, डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह यादव – पृ. 94–98

  15. नाट्य कला के संदर्भ में निर्देशक एवं निर्देशन कला
    विवेक कुमार, डॉ. गोविन्दराजू भारद्वाज – पृ. 99–108

  16. मिथकीय नाटक: स्त्री अभिव्यक्ति और सामाजिक प्रभाव
    आशा – पृ. 109–114

  17. राष्ट्र और मीडिया
    संजीव कुमार – पृ. 115–121

  18. फणीश्वरनाथ रेणु के साहित्य में जातीय यथार्थ
    कोमल वर्मा – पृ. 122–127

  19. कहानीकार मिथिलेश्वर और उनकी कहानी 'हरिहर काका'
    अखिलेश यादव – पृ. 128–135

  20. गिरिधर कविराय की काव्यभाषा
    डॉ. मुकेश कुमार – पृ. 136–145

  21. भारत में बाल मजदूरी की दशा एवं दिशा
    डॉ. अभिषेक त्रिपाठी – पृ. 146–154

  22. प्रवाल भित्ति का संरक्षण
    दिव्या लक्ष्मी – पृ. 155–158

  23. पत्रकार निराला एवं ग्रामीण मीडिया में महिलाओं की भूमिका
    विष्णु कु. मिश्र – पृ. 159–166

  24. खड़िया और उरांव जनजाति की तुलनात्मक विवाह व्यवस्था
    रीबा वाणी तिर्की – पृ. 167–174