Daily-Quotes:

Work hard and let your light shine

unnamed  3

पदचिन्ह (अक्टूबर 2025)

वर्ष (Vol.)- 14 अंक (Issue) - 10
अनुक्रम

संपादकीय

शुभेच्छा संदेश – डॉ. गिरीश वी. वेलियत
शुभकामना संदेश – प्रो. शैलेश के. मेहता
 

हिन्दी साहित्य का वैविध्य : साहित्य और संस्कृति
डॉ. अरविंद कुमार उपाध्याय – x–xxii

  1. हिन्दी गद्य साहित्य में चित्रित कारावासीय जीवन और स्त्री
    सौरभ – पृ. 1–9

     

  2. भक्ति आंदोलन में मीरांबाई की भूमिका
    डॉ. नयना सी. पटेल – पृ. 10–13

     

  3. हिंदी का सफ़र : राजभाषा से लेकर सोशल मीडिया की भाषा तक
    प्रियांशीकुमारी बी. पटेल – पृ. 14–17

     

  4. गीतांजलि श्री के कथा-संसार में स्त्री चेतना और सांस्कृतिक पहचान का विकास
    रिद्धि पी. तलाविया – पृ. 18–21

     

  5. हिंदी कविता : आज़ादी की संघर्ष-गाथा
    बेबी कुमारी – पृ. 22–26

     

  6. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) में हिन्दी और संस्कृत भाषा का अंतर्संबंध
    परमार विभूतिबेन सुरेशभाई – पृ. 27–30

     

  7. संस्कृत और हिन्दी भाषा का अंतर्संबंध
    ठेसिया दृष्टि मुकेशभाई – पृ. 31–35

     

  8. हिन्दी भाषा में रोजगार के अवसर : एक विशेष पड़ताल
    डॉ. बी. जे. पटेल – पृ. 36–43

     

  9. 21वीं सदी के चयनित उपन्यासों में बदलते मूल्य
    डॉ. गेलजी भाटिया – पृ. 44–49

     

  10. सोशल मीडिया और हिंदी
    डॉ. आर. सपना – पृ. 50–52

     

  11. લોકસાહિત્યમાં સંસ્કૃતિ અને પરંપરાઓ
    મકવાણા લાલજી એમ. – પૃ. 53–56

     

  12. ભક્તિ આંદોલન અને સાંસ્કૃતિક ચેતના
    હરગાણી હમીરભાઈ દેવુભાઇ – પૃ. 57–62

     

  13. દલિત સાહિત્ય અને સામાજિક–સાંસ્કૃતિક સમાનતા
    ગોપાલ ધનજીભાઈ ચૌહાણ – પૃ. 63–65

     

  14. हिंदी साहित्य में राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता आन्दोलन
    डॉ. मधुरा केरकेट्टा – पृ. 66–69

     

  15. भगवतीचरण वर्मा के हिन्दी उपन्यास और सामाजिक-सांस्कृतिक यथार्थ
    अनिताबेन खिमजीभाई चांडपा – पृ. 70–74

     

  16. हिन्दी साहित्य में पर्यावरण सम्बन्धी चिंतन
    विपुलकुमार बाबुलाल जोषी – पृ. 75–78

     

  17. સૌરાષ્ટ્રની લોકસંસ્કૃતિ અને પરંપરાઓ
    વાળા જયદિપ આર. – પૃ. 79–83

     

  18. हिन्दी साहित्य में पर्यावरण सम्बन्धी चिन्ता
    डॉ. जिज्ञासा रमेशकुमार सीतापरा – पृ. 84–86

     

  19. हिंदी भाषा : साहित्य से रोजगार तक
    डॉ. प्रकाश विट्ठल सोनवणे – पृ. 87–92

     

  20. आधुनिक हिन्दी कविता में स्त्री मुक्ति के स्वर
    वेदप्रकाश भारती – पृ. 93–98

     

  21. हिन्दी भाषा तथा भारतीय भाषाओं का NEP (2020) में महत्व
    प्रो. (डॉ.) राजमोहिनी सागर – पृ. 99–102

     

  22. ‘गोदान’ उपन्यास में नारी की विविध भूमिका और संघर्षों का चित्रण
    महेता सुमिता कनैयालाल – पृ. 103–107

     

  23. भक्ति आन्दोलन और सांस्कृतिक चेतना
    डॉ. उत्तम राजाराम आळतेकर – पृ. 108–110

     

  24. રામાયણમાં ચિત્રિત ભારતીય સંસ્કૃતિ
    પ્રા. ડૉ. વિલાસબેન પી. સોરઠિયા – પૃ. 111–115

     

  25. यज्ञकर्म : रामायण के परिप्रेक्ष्य में
    प्रा. डॉ. एम. जे. पटोलिया – पृ. 116–119

     

  26. वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी : एक समीक्षात्मक अध्ययन
    डॉ. संतोष कुमार दुबे – पृ. 120–123

     

  27. हिंदी और गुजराती भाषा में अंतर्संबंध
    डॉ. निरूपा जी. टांक – पृ. 124–128

     

  28. हिन्दी साहित्य में गोस्वामी तुलसीदास जी की भक्ति-भावना
    शिवम् के. दवे – पृ. 129–134

     

  29. गीतांजलि श्री के कथा साहित्य में स्त्री स्वर एवं संस्कृति विमर्श
    डॉ. बिन्दु अनंतराय महेता, डॉ. शैलेश के. मेहता – पृ. 135–139

     

  30. हिन्दी भाषा का NEP (2020) में महत्त्व
    डॉ. समीना कुरैशी – पृ. 140–141

     

  31. दलित साहित्य में सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श
    डॉ. पारुल आर. खांट – पृ. 142–144

     

  32. भक्ति आंदोलन और सांस्कृतिक चेतना
    डॉ. सतीश दत्तात्रय पाटील – पृ. 145–147

     

  33. 21वीं सदी की हिन्दी बालकहानियों में व्यक्त सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
    माधवी पडिया – पृ. 148–151

     

  34. સાહિત્ય અને સંસ્કૃતિ વચ્ચેનો સંબંધ
    ડૉ. પ્રા. ઊર્મિલા એન. પટેલ – પૃ. 152–154

     

  35. हिंदी उपन्यास और सामाजिक-सांस्कृतिक यथार्थ
    शियाल जयदीपकुमार धीरुभाई – पृ. 155–159

     

  36. लोक साहित्य में संस्कृति और परंपराएँ : केरल के संदर्भ में
    डॉ. कला ए. – पृ. 160–162

     

  37. लोक संस्कृति एवं साहित्य
    डॉ. विजय नारायण तिवारी – पृ. 163–166

     

  38. हिंदी साहित्य में स्त्री स्वर और सांस्कृतिक विमर्श : मैत्रेयी पुष्पा के साहित्य के संदर्भ में
    देविका किशोरभाई मकाणी – पृ. 167–169

     

  39. आधुनिक हिंदी साहित्य और भारतीय नवजागरण
    Pavasiya Bhumikaben Rameshbhai – पृ. 170–173

     

  40. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयीजी के काव्य में सांस्कृतिक चेतना
    बापोदरा विशाल रसिकभाई – पृ. 174–178

     

  41. नागार्जुन के उपन्यास में सामाजिक-सांस्कृतिक यथार्थ
    भायाणी संजयकुमार बाबुभाई – पृ. 179–181

     

  42. भारतीय संस्कृति की धरोहर ‘रामचरितमानस’
    डॉ. मारांबहन जेरामभाई भोया – पृ. 182–185

     

  43. आजादी का प्रतिबंधित दस्तावेज : ‘राजस्थान की पुकार’
    रामप्यारी – पृ. 186–190

     

  44. हिंदी भाषा : साहित्य से रोजगार तक
    रमीला जे. कारीया – पृ. 191–193

     

  45. ગાંધીજીની ગુજરાતી સાહિત્ય પર અસર: ‘ચૂંટેલી વાર્તા’ સંદર્ભે
    ડૉ. હરેન્દ્રકુમાર વી. ચૌધરી – પૃ. 194–197

     

  46. પ્રાચીન સાહિત્યમાં સંસ્કૃતિ અને જીવનદૃષ્ટિકોણ
    હરદીપ બી.વાળ – પૃ. 198–200

     

  47. लोकसाहित्य में संस्कृति और परंपरा
    आयर ज्योतिका मनसुखभाई – पृ. 201–204

     

  48. हिन्दी साहित्य का सांस्कृतिक वैभव
    Dr. Vaishali U. Patoliya – पृ. 205–208

     

  49. हिंदी भाषा : साहित्य से रोजगार तक
    डॉ. धवलकुमार रमणभाई चौधरी – पृ. 209–211