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अप्रैल-जून 2025

वर्ष (Vol.) 11 अंक (Issue) 42

अनुक्रमणिका

  1. नासिरा शर्मा का कहानी संग्रह ‘खुदा की वापसी’ का अनुशीलन
    डॉ. गणेश ताराचंद खैरे – पृ. 05–10

  2. नवजागरण और स्त्री-जीवन
    प्रियंका यादव, डॉ. बलजीत कौर – पृ. 11–15

  3. Art and Community: Analysing Contemporary Participatory Art Practices in India
    Sneha Varhadi – पृ. 16–23

  4. ऑनलाइन अध्ययन का महाविद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के नैतिक मूल्यों पर पड़ने वाले प्रभावों का तुलनात्मक अध्ययन
    अनीता यादव, डॉ. चन्दन सहारण – पृ. 24–33

  5. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरागत संचार प्रणाली का विश्लेषणात्मक अध्ययन
    पंकज गजानन कलाने – पृ. 34–41

  6. राग दरबारी में चित्रित आधुनिक समाज
    अश्विनी नंदकुमार धायगुडे, डॉ. प्रा. नानासाहेब जावळे – पृ. 42–47

  7. प्रतीक-विज्ञान के विविध परिदृश्य
    मुरारी कुमार सुमन – पृ. 48–57

  8. झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई उपन्यास में नारी चेतना और राष्ट्र प्रेम
    डॉ. अम्ब्रीश त्रिपाठी – पृ. 58–62

  9. नारी जीवन का बदलता स्वरूप
    अश्विनी किसन वायदंडे, डॉ. नानासाहेब जावळे – पृ. 63–69

  10. Beyond Words: The Semiotic Significance of Gandhian Tools for Indian Freedom Struggle
    Dr. Md. Zishan – पृ. 70–82

  11. इंडो-फीजीयन महिलाओं का हिंदी लेखन
    सारिका जगताप, डॉ. रूपेश कुमार सिंह – पृ. 83–89

  12. बांस शिल्प-कलां: कमार जनजाति के आजीविका के साधन (मैनपुर, गरियाबंद जिला के विशेष संदर्भ में)
    संदीप कुमार साहू, निर्मला तिग्गा – पृ. 90–95

  13. सत्याग्रह, अहिंसा और खादी: गांधी दर्शन के प्रमुख आधार
    प्रविण दामोधरराव कोल्हे – पृ. 96–100

  14. स्त्री-उत्थान के संदर्भ में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता
    अमित कुमार – पृ. 101–10

  15. छायावादी दौर में बिहार के कवियों की बिंबधर्मिता
    नवनीत कुमार – पृ. 108–114

  16. महिला नाटककारों के नाटकों में वृद्धावस्था विमर्श
    अंशु कुमारी, विजय कुमार प्रधान – पृ. 115–120

  17. NOTES FOR AUTHORS